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6 महीने से बंद पड़ा उज्जैन का नया कम्युनिटी हॉल, निगम आयुक्त ने फाइल तलब कर रेट तय करने की तैयारी तेज़ की
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन नगर निगम के नए कम्युनिटी हॉल को लेकर महीनों से चल रही अनिश्चितता आखिरकार खत्म होने की ओर है। शहरवासियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन छह महीने से इसका लोकार्पण और उपयोग शुरू नहीं हो पाया था। कारण—भवन के किराया दर और उपयोग संबंधी नीतियों को लेकर निगम अधिकारियों की चुप्पी और निर्णय लेने में देरी।
सूत्रों के अनुसार, निगम आयुक्त अब इस मामले में सक्रिय हो गए हैं और जल्द ही नए कम्युनिटी हॉल के रेट तय किए जाएंगे। आयुक्त ने संबंधित फाइल तलब कर ली है और इसके साथ ही निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम से उन आम नागरिकों को राहत मिलेगी जो शादियों, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए सुलभ दरों पर स्थान किराए पर लेने के इच्छुक हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम में हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव भी हुआ है। निजी सचिव के पद पर कार्यरत मनीष भावसार को हटाकर उनकी जगह राजदीप को नियुक्त किया गया है। यह बदलाव भी निगम आयुक्त की कार्यशैली में तेजी लाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से तैयार इस भवन का उपयोग न हो पाना सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हॉल में आधुनिक सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद आम लोग सिर्फ इस वजह से वंचित थे कि किराया दर और बुकिंग नियम तय नहीं किए गए थे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि तय दरों के साथ इसका उद्घाटन होगा और आम नागरिकों को एक किफायती एवं सुलभ स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
अगर यह निर्णय जल्द लागू हो जाता है, तो न केवल सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में आसानी होगी, बल्कि नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा। वर्षों से अधूरी पड़ी यह पहल, प्रशासनिक सक्रियता के बाद, शहर के सामाजिक ढांचे को मजबूती देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।